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”Hastmaithun patanjali ayurveda fayde or nuksaan ”

 

”Hastmaithun patanjali ayurveda fayde or nuksaan ”

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”इंसान हस्तमैथुन करता क्यों है ”

एक यक्ति हस्तमैथुन करता है क्यूंकि उसे अपनी सेक्स नीड को पूरा करना है क्यूंकि उसके पास पार्टनर उपलब्ध नहीं है

लेकिन यही चीज धीरे धीरे उसकी आदत बन जाती है और आगे जाके नुक्सान बन जाती है ,

अकेलापन में इंसान अपने दिमाग पर कंट्रोल नहीं कर पाता ,

 

”हस्तमैथुन ”

ये दुनिया का एकमात्र असा विषय है , जिसे हर यक्ति जानना चाहता है , समझना चाहता है ,

लेकिन कभी भी कंही भी इस विषय पर खुलकर बात नहीं करता , क्यूंकि समाज ने इसे हमारे सामने

इसे गंधी सोच ,एक बीमारी की तरहे पेश किया है , इसलिए हम डरते है ,की यदि हमने ऐसे विषय के बारे

में बात करली तो लोग हमारे बारे में क्या सोचेंगे  ,

 

 

”लेकिन दोस्तों में आज मेरे इस पोस्ट में आपको अच्छे से समझाऊंगा ये मेरा फर्ज है ”

मेने इस विषय को तीन भागो में बांटा है , इसलिए में आपको समजाहूँगा इसके बारे में की हस्तमैथुन सही है या गलत

इसके फायदे और नुक्सान , इससे छुटकारा कैसे पाया जाता है , बने रहे मेरी पोस्ट के साथ

हमारे शरीर में बहुत सारे अंग है और हर अंग का अलग अलग काम है ,

उदाहरण के लिए हम पेट का उदाहरण लेते है –

    हमारा पेट हमारे शरीर के भोजन को पचाने का काम करता है अब यदि पेट हमारे शरीर का एक अंग है 

और उसे भूख लगती है और वो आपसे दिन में दोबार भोजन मांगता है ,तो क्या पेट गलत करता है क्या 

हमे उसे भोजन नहीं देना चाहिए , नहीं , हमे उसे भोजन देना चाहिए क्यूंकि वो शरीर की आवश्कता है हमे 

ऐसे पूरा करना ही होगा नहीं तो हम बीमार पड जायेंगे ,

लेकिन  यंहा समझदारि की बात यह आती है की हमे उसे भोजन को कितनी बार करना चाहिए

यदि दिन दो बार स्वस्थ भोजन करेंगे तो हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा और वही भोजन हम दिन में दस बार

करेंगे तो वो हमारे लिए नुक्सान  दायक होगा , और उसी भोजन को हम दो /तीन  दिन में एक बार देंगे तो

हम कमज़ोर पड जायेंगे ,

 

अब यही उदाहरण हम हस्तमैथुन के साथ जोड़ते है –

समझ में आये तो बहुत सामान्य सी प्रकिया है , अगर सप्ताह में आप एक /दो बार हस्तमैथुन करते है

तो कोई प्रॉब्लम नहीं , अगर सप्ताह में यही प्रकिया आप दस/बीस बार करते है तो प्रॉब्लम है

और यदि आप सप्ताह में एकबार भी हस्तमैथुन  नहीं करते है तो जो आपके बॉडी में वीर्य की मात्रा है

स्वप्नदोष के रूप में बहार आती है तो आपको लगता है की कोई बिमारी है ,जो की  बिलकुल सामान्य है

की बॉडी में कोई चीज आवश्कता से ज़्यादा हो तो वो बाहर निकलती है ,लेकिन इससे आपको परेशानी होने लगती

है , आपको लगता है की ये एक बिमारी है , जो की नहीं है ये बहुत ही सामन्य सी प्रकिया है ,90 %लोग हस्तमैथुन करते

है लेकिन वो मानने से कतराते

लेकिन कुछ करते है लेकिन बताते नहीं और मज्जे लते है दुसरो के चिढ़ाते है उन्हें परेशान करते है

और अगर हम इसके निष्कर्ष पे आये की ये सही है या गलत तो में कहूंगा ये बिलकुल सही है 

ये बिलकुल प्रकृतिक है इसमें कोई भी चीज गलत नहीं है

”हस्तमैथुन के फायदे और नुकशान ”

अगर हम फायदे के नजरियें  से इसे देखे तो एक यक्ति अपनी सेक्स नीड को पूरा करने के लिए

हस्तमैथुन करता लेकिन धीरे धीरे ये उसकी आदत बन जाती और आगे जाके उसकी प्रॉब्लम

और धीरे धीरे वो इंसान इस चुंगल में इतना फंस जाता है की वही इसकी आदत बन जाती हैं

और धीरे धीरे यही चीज इसके शरीर को उसके विचारो को नुक्सान पोंहचाती है ,

और अगर ज़्यादा फायदे की बात करते है तो ज्यादातर मानना है की हस्तमैथुन करने के बाद लोगो

को नींद बहुत अछि आती है ,और उनके दिमाग में जो चिंताए होती है वो उन चिंताओं से कुछ समय के लिए

मुक्त हो जाती है  ,लेकिन ये कुछ समय के लिए फायदा होता तो है लेकिन धीरे धीरे ये आदत बहुत ज्यादा बढ़ जाती

है ,तो चिंता मुक्त करने की चीज , चिन्ता का विषय बन जाती है , यही आदत धीरे धीरे बढ़ने लगती है

और चिंताए बढ़ने लगती है ,

जंहा हमे ये आदत अच्छी नींद और मानसिक सुकून दे रहा था वंही ये आदत अब मानसिक प्रॉब्ल्म बन जाती है

और ये आदत इतनी बड़ी हो जाती है की हमे इसके बिना किये नींद नहीं आतीं ,

और धीरे धीरे हमे जकड़ लती है ,

यदि हम इसके निष्कर्ष निकाले की इसके फायदे ज्यादा है या नुकसान तो हम कहेंगे फायदे बहुत कम है

और नुक्सान बहुत ज़्यादा यदि ये चीज आपकी आदत बन जाये ,और अगर कोइ चीज आपकी आदत बन गयी

तो वो आदत मकड़ी के जाले के समान होती है ,जब कोई परिंदा मकड़ी के जाले में फंसता है तो वंही फड़फड़ाता रहता है

और वंही मर जाता है वो उस से बहार नहीं निकल पाता ,

और यही आज के टाइम में हमारी नहीं पीढ़ी के साथ में हो रहा है ,जो आज इसके चुंगल में बहुत ज्यादा फंस गयी है

तो जितना हो सके  इन चीजों से दूर रहिये ,

* हस्तमैथुन की कोई दवा नहीं होती, इसकी दवा आपका संकल्प है।> > आपको अपने मन में संकल्प करना होगा कि आप अपनी इस आदत पर काबू पाएंगे।
ऐसी कोई दवा नहीं जो आपके मन व हाथ को रोक ले कि आप हस्तमैथुन न कर पाएं।खासकर एकांत में अपने मन पर नियंत्रण रखें, कामुक विचारों से बचें व ज्ञानार्जन से संबंधित या सृजनात्मक कार्यों में अपने को व्यस्त कर लें।

 

सेक्स के प्रति समारात्मक सोच रखें।

जितना सेक्स आपके लिए रहस्य और गोपनीय रहेगा आप उतना ही इस बीमारी के शिकार होंगे।

हर चीज को पवित्र मन से समझने और जानने की कोशिश करें।

अपने शरीर के विज्ञान को समझने के लिए पुस्तकें पढ़ें।

भ्रम और भ्रांति से दूर रहें।

 
 
”Hastmaithun patanjali ayurveda fayde or nuksaan ”

”Hastmaithun patanjali ayurveda fayde or nuksaan ”

''Hastmaithun patanjali ayurveda fayde or nuksaan ''

हस्थमैथुन से होने वाले बड़े नुक्सान

#1 शरीर का कमजोर हो जाना (sharir ka kamzor ho jana )

हस्थमैथुन का सबसे बड़ा नुक्सान , शरीर का कमज़ोर हो जाना , आज के वर्तमान के समय में सभी लोग अपनी लाइफ को batter लाइफ बनाने में लगे हुए है , ताकि एक अच्छी life जी सके ,लेकिन हस्थमैथुन की वझह से आप अपनी लाइफ ख़राब बना देते हो , आपकी कार्य ऊर्जा एकदम क्षीण हो जाती है , और ये सब आपके शरीर के कमज़ोर होने से है ,

#2 खुद के प्रति ग्लानि होना ,

जब भी हम हस्त्मैथुन करते है तो हस्थमैथुन करने के बाद हम अपने आप से घृणा करने लगते है ,टुटा हुआ फील करते है ,हम अपने मन ही मन में ग्लानि होने लगती है , जो हस्तमैथुन से होने वाला सबसे बड़ा नुक्सान है , अगर ये हमे खुशी ना दे तो हमे इससे दूर रहना ही अच्छा है ,अगर हम अंदर से happy रहेंगे तो हमारी अंदर की selfrecpect  होगी , इससे हम कोई प्रॉब्लम को आसानी से कर सकते है ,

#3 लिंग में सूजन का होना ( panis me sujan ka hona )



बहुत सारे लोग ऐसे होते है जो जल्दबाजी के चक्कर मैं बहुत fast fast हस्थमैथुन करने लगते है ,जिस की वझह से लिंग में सूजन आ जाती है ,जिसकी वजहें से उनके वीर्य से निकलने वाला तरल पानी उनके मासपासियोँ में चला जाता है और इसका result ये होता है की इंसान के लिंग में सूजन आने लगती है और ये तबतक रहती है ,जब तक वो पानी खून में ना मिले जाये ,ऐसा ऐसा बार -बार होने पे ये गंभीर बीमारी बन जाता है , इसीलिए हस्थमैथुन से दूर ही रहे।

#4 लिंग की माश्पेसियोँ का टूट जाना

बहुत सारे लोग हस्थमैथुन करते समय अपने लिंग को बहुत ही मजबूती से जकड़ लते है , और उसे दबाने और मोड़ने लगते है ,और वो ये सोचते है ऐसा करने से उनका वीर्य बहार नहीं आएगा ,ये करना सही नहीं है , ऐसा करने से आपको गंभीर समस्याओ का सामना करना पड़ सकता है ,और ऐसे करने से आपके पेनिस की मस्पसियॉ टूट सकती है , जो की बहुत ही नाजुक सी होती है।

#5 मानसिक तनाव का होना ,

आप मानो या ना मनो हस्थमैथुन आपके अंदर टेंसन तो पैदा करता ही है ,आपको पता होगा हस्थमैथुन करने के बाद आप बहुत बुरा महसूस करते होंगे ,ये आपको काफी मानसिक तनाव दे सकता है ,अपने बारे में आप खुद ही दोषी मानने लगते हो , और आप मानसिक तनाव में आ जाते हो

#6 अवैध संबंधो का बन जाना

''Hastmaithun patanjali ayurveda fayde or nuksaan ''अवैध संभंध का होना

जिस तरह से बलात्कार हो रहे है ,योन शोषण हो रहे है ,इस तरहे से अपराध बढ़ रहे है ,इनसे हस्थमैथुन बढ रहा है ,ऐसे में योन इच्छाएं बढ़ती है , और लोग ऐसी गन्दी हरकतों पे उतर आते है ,यक्ति हस्थमैथुन करते समय हमेशा ही कल्पनाओ में खोया रहता है , जिससे यक्ति में सेक्स के प्रति बढ़ोतरी होती है , और अपने सेक्स की कल्पनाओ को पूरा करने के लिए वो इलीगल रास्तो पर चला जाता है और जाने अनजाने में वो बहुत सारी भूल कर देता है न,

#7 शुक्राणुओं की संख्या में कमी होना

हमारे वीर्य में लाखो की संख्यायों में शुक्राणु होते है , जो पिता बनने में सहायक होते है ,लकिन जो लोग रोजाना हस्तमैथुन करते है उनके अंदर से शुक्राणु की संख्या कम हो जाती है ,इसका सबसे बड़ा नुक्सान ये होता है , किन इंसान पिता बनने से वंचित रह जाता है ,इसीलिए हस्थमैथुन से दूर रहे , 

#8 अपने पार्टनर से झगड़ा होना

''Hastmaithun patanjali ayurveda fayde or nuksaan ''पार्टनर से झगड़ा होना

जो लोग बहुत ज्यादा मात्रा में हस्तमैथुन करते है , उनका रखलन बढ़ने लगता है और उनका सहभाव बिगड़ जाता है , ऐसे में झगड़े का कारन बन जाता हैं , क्यूंकि वो संभोग की वझे से अपनी वाइफ को खुश नहीं कर पाते है और ये सब परेशनिया होती है

#9 पाचन तंत्र का बुरा असर होना

पाचन तंत्र का ख़राब होना

पाचन तंत्र शरीर की वो मशीन होती है जो भोजन को निचोड़कर कर हमारे शरीर को पोषण देती है , और उस से हमारा शरीर बलवान और शहदमंद बनता है , हस्थमैथुन करने से हमारे शरीर पर बुरा असर पड़ता है और हमारी पाचन क्रिया ख़राब हो जाती है , और हमारी शारीरिक क्षमता टूट जाती है

#1 0 लिंग में उत्तेजना का बंद होना

''Hastmaithun patanjali ayurveda fayde or nuksaan ''लिंग का उत्तजेना का बंद होना

लिंग में उत्तेजना का बंद हो जाना , एक पुरष के इस से ज्यादा शर्म की बात क्या होगी ,की उसके लिंग में उत्तेजना आना ही बंद हो जाये ,ये आपको मैंटली डिफरसन में डाल सकती है , और प्यारे दोस्तों अगर ये सब आपके साथ भी हो रहा है तो संभल जाओ , ये बहुत गंभीर बिमारी का रूप ले सकती है ,

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